प्रश्नोत्तर P20-0102 · भाग 20
गुरु जी, आप गलती पर डांटते हैं तो गुस्सा आता है, दिल को लगता है, रोना आता है — उससे कैसे बाहर निकलें?
गलतियों को सुधारो। आप सुधरने आए हो, तो आपको नहीं, आपकी गलती को डांटा जा रहा है — गलती छोड़ दो। डांट के समय अंदर गुस्सा या आवेश उठे तो होने दो, उसे प्रतिक्रिया मत दो, उसे होते हुए देखो; बस बाहर मत निकालो। जो कार्य करने से मना किया गया था, वह किया, तो डांट तो सुननी ही पड़ेगी — अब दोबारा मत करना। यह समझ है, पर इसकी प्रैक्टिस करनी पड़ेगी।
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वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02