प्रश्नोत्तर P20-0086 · भाग 20
गुरु जी, कष्ट के बिना भक्ति कैसे की जाती है?
कष्ट दुनिया को लगता है, भक्त को कष्ट नहीं होता; कष्ट होता तो करता क्यों? शबरी ने राम को बेर खिलाए — दुनिया को पता था बेर जूठे थे, पर न राम को इसका पता था न शबरी को; उसका भाव था कि प्रभु के मुंह में कोई खट्टा बेर न चला जाए। रामकृष्ण परमहंस भी पहले चखकर मां को भोग लगाते थे, कि नमक-मिर्च कम-ज्यादा हो तो मां को तकलीफ न हो — यह भक्ति की पराकाष्ठा है।
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वीडियो: परिवार में मतभेद क्यों होते हैं? | एक आध्यात्मिक दृष्टिकोण · 2025-07-16