प्रश्नोत्तर P2-0196 · भाग 2
तो यह अपने को जांचने का पैमाना हो सकता है। मैं डरा हुआ इंसान हूं और डर निकालना चाहता हूं — लक्ष्य की ओर अपनी यात्रा तेज कैसे करूं?
स्पीड के लिए ईमानदारी से (चलो)। देखो, कहीं जाना है तो जितना तेज साधन, उतना पैसा, उतनी कीमत — समाज में ऐसा ही है ना। तो जितनी स्पीड से यात्रा करनी है, उतनी ऊर्जा चाहिए, और ऊर्जा आपको सत्कर्म से मिलेगी। ईमानदार हो, मतलब लक्ष्य की तरफ हो — आपका मुख लक्ष्य की तरफ है; सत्कर्म कर रहे हो, मतलब आगे बढ़ रहे हो।
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वीडियो: आखिर कब तक ये याद रहेगा ? #योगी · 2026-01-16