प्रश्नोत्तर P2-0173 · भाग 2
तो क्या यह हमारी जीवात्मा का ही चुनाव होता है कि क्या रसपान करना है, कहां जाना है, और कब अध्यात्म की तरफ आना है?
पूरी तरह आपका ही चुनाव है। आप जहां हो, अपने चुनाव से ही हो।
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वीडियो: मेरे भाव को तू योगी ही समझ सकता है । #योगी · 2026-01-20