आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0127 · भाग 19

गुरु जी, मेरा और कर्ता के भाव से कैसे मुक्त हों, अच्छे से समझाइए।

मेरा का जुड़ाव कहां से हुआ? अपने तरीके से चाहिए, वह मिल रहा है — इसलिए अपने तरीके का त्याग करिए। कर्ता का भाव कब प्रकट होता है? जब परिणाम का पता नहीं और आप अनुमान लगाते हो। अनुमान सही निकला तो राग, गलत निकला तो द्वेष; सही हुआ तो आप लोगों को खोजोगे, नहीं हुआ तो लोग आपको खोजेंगे। इसलिए अनुमान लगाना छोड़ दो, जितना पता है उतना बताओ, परिणाम आने पर बोलो। मेरा कहना है त्याग मत करो, पैदा ही मत होने दो — पैदा हो गया तो हटा नहीं पाओगे। जीवन में "ठीक" शब्द का प्रयोग करो — अच्छा बोलोगे तो राग, बुरा बोलोगे तो द्वेष; ठीक में आप होते हो, और मेरा-कर्ता का भाव गिर जाएगा।

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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19