आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0119 · भाग 19

गुरु जी, आप कहते हो आपने जीवन में दुख को ही चुना है। ऐसा क्यों?

क्योंकि हर सुख का परिणाम दुख है — यह बात मुझे पता थी, तो मैंने दुख को ही चुन लिया, और मैं दुख में ही मस्त रहता हूं। मुझे नरक भी जाना पड़े तो जाऊंगा; कहां भेजोगे? नरक में ही सेवा करूंगा — स्वर्ग में तो सब सुखी रहेंगे, वहां करेंगे क्या?

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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19