प्रश्नोत्तर P19-0116 · भाग 19
गुरु जी, जब आप घर से निकले थे तब आपने अपने जीवन में कौन सी बातें फिट कर ली थीं?
जब निकला था, उसी समय दो बातें जीवन में फिट कर ली थीं — मुझे कुछ नहीं चाहिए, और मुझे समाज के लिए काम करना है। फिर उस स्थिति में आया तो फिट हो गया कि निकलना है, और निकलने से पहले जितना हो जाए कर देना है। ना मुझे सरल बनना है, ना गुरु, ना शिष्य, ना गृहस्थ, ना साधु, ना महात्मा, ना बैरागी, ना उदासी, ना ब्राह्मण-क्षत्रिय-वैश्य-शूद्र, ना सहज — मुझे करते हुए निकल जाना है। ना मुझे पाप से मतलब, ना पुण्य से, ना सेवा से, ना सत्कर्म से; जैसा काम है, काम के तरीके से होगा।
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19