आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0112 · भाग 19

गुरु जी, किसी व्यवस्था या सिस्टम में रहते हुए उसकी बात पसंद ना आए तो क्या करें? क्या दबाव और संकोच में रहना ठीक है?

जीवन में दबाव और संकोच में कभी कहीं मत रहना — मैं सलाह भी दे रहा हूं और मैंने जिया भी है; नहीं तो आप जिंदगी में उठ नहीं पाओगे। जहां दबाव-संकोच ना हो, वहीं आपका स्तर उठ सकता है। जो सिस्टम है, उसका उपयोग करो; उसमें जी सकते हो तो रहो, नहीं तो निकलने का एक रास्ता है — यह स्वतंत्रता सबके पास है, किसी ने कभी छीनी नहीं। पर सिस्टम को बदलने की सलाह मत दो — एक प्रोफेसर साहब बोले पैसा देता हूं, दो टाइम भोजन की व्यवस्था करो; मैंने कहा आपका पैसा यहां नहीं चलेगा, सिस्टम के लायक नहीं हो तो चले जाइए। मैंने 12 साल अपने आप को पूरी तरह खत्म करके, बहुत सोच-समझकर यह व्यवस्था बनाई है। हां, अपनी समस्या बताओ — उचित लगेगा तो हां बोलूंगा, नहीं तो ना।

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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19