प्रश्नोत्तर P19-0106 · भाग 19
गुरु जी, कुटिया के नियम निभाने में मुझे शारीरिक दिक्कत थी, पर मैंने पहले नहीं बताया। अब क्या करूं?
बताना चाहिए था — यह आपकी गलती है; अपनी गलती किसी दूसरे पर मत थोपो। अगर कोई रोगी या बुजुर्ग हो तो मुझे बताए; मैंने सबसे कहा है कि कोई प्रॉब्लम हो तो बताओ, नहीं बताया तो उसके जिम्मेदार आप हो। आपके पास दो रास्ते हैं — एक, यहां के पूरे नियमों का पालन करो; दूसरा, नहीं हो पा रहा तो वापस घर जा सकते हो। दोनों में आप स्वतंत्र हो; यह स्वतंत्रता मैं दे रहा हूं।
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19