प्रश्नोत्तर P19-0087 · भाग 19
गुरु जी, जो राग-द्वेष से मुक्त हैं क्या वे सभी भगवान हैं? और हम कृष्ण-राम को ही क्यों पकड़ लेते हैं?
हां, जिसने अपने आप को राग-द्वेष से छुड़ा लिया, जो उस उपलब्धि को प्राप्त हुआ, वह भगवान ही है। पर देखो आपने कहां गलती की — कृष्ण स्वयं गुरु के पास गए और ज्ञान लिया, राम स्वयं गुरु के पास गए और ज्ञान लिया; उन्होंने यही कहा कि जीवंत गुरु के शरण में जाओ तभी कल्याण होगा, और आपने कृष्ण-राम को ही पकड़ लिया। देश, काल, स्थिति, परिस्थिति में सब बदल जाता है। पेड़ बहुत विशाल था, दादा-परदादा छांव लेते थे, पर अब सूख गया; बगल में एक छोटा हरा-भरा पेड़ है — बैठना कहां ठीक है? जैसे पद पर वर्तमान में जो है वही काम करेगा, वैसे जीवंत गुरु ढूंढो। और खोजना पड़ेगा — ऐसे ही नहीं मिलेगा; व्याकुल होगे, इधर-उधर धक्के खाओगे, थक जाओगे, तब जाकर मिलना होगा।
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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19