आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0024 · भाग 19

गुरु जी, कुछ लोग आपको प्रश्नों में उलझाने के लिए ही पूछते रहते हैं, गाली भी देते हैं — आप उनके साथ कैसे पेश आते हैं?

हम तो सबको जवाब देते हैं — उलझो, सुलझो, जो करो करो। यह प्रत्यक्ष है, उलझा नहीं पाओगे, क्योंकि जो खत्म ही हो गया उसे क्या उलझाओगे? कम से कम सुन तो रहे हैं, कभी समझ लेंगे। जब तक इस शरीर में हूं, आप मुझे गाली दोगे, मैं ज्ञान दूंगा — आपकी गाली कभी खत्म होगी क्योंकि आपने धारण की है, और ज्ञान अंदर से आ रहा है, कभी खत्म नहीं होगा।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29