प्रश्नोत्तर P18-0187 · भाग 18
गुरु जी, अगर परमात्मा ने दुनिया बनाई तो सुख की दुनिया क्यों नहीं बनाई? यहां इतना दुख क्यों है?
सुख की दुनिया ही बनाई है। इस दुनिया में कहां दुख है? इसी दुनिया में महात्मा रह के गए, वही भोजन, कपड़ा, मकान उपयोग करके परम आनंद में रहे — अगर इस जगत में दुख होता तो वे आनंद में कैसे जी पाते? दुख आपकी दुनिया में है — सबका अपना-अपना एक संसार है। आपने अपने जगत का निर्माण किया और उसे इतना अशांत कर दिया कि अब परमात्मा के जगत में आना चाहते हो पर आ नहीं पा रहे, क्योंकि आपको अपने तरीके से चाहिए। यह संसार जीव ही बनाता है, मन जड़ है वह कुछ नहीं बनाता; जब तक "अपने तरीके से चाहिए" है तब तक आपका संसार रहेगा। उसका त्याग हो गया तो इस जगत में आओगे, शांति-संतोष रहेगा, फिर इस जगत से मुक्त होकर पिंड में आत्म दर्शन, और पिंड से मुक्त हुए तो काम खत्म।
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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29