प्रश्नोत्तर P18-0089 · भाग 18
गुरु जी, किसी ने अपनी बात अधूरी या इधर-उधर कह दी तो आप उसे पूरा करके साफ कर देते हैं — गुरु का कर्तव्य क्या होता है?
संशय नहीं रहना चाहिए। किसी ने अपनी बात रखी, भाव रखा, चाहे ठीक से कह पाए या नहीं — मेरा कर्तव्य है उसे उचित तरीके से आगे बढ़ा देना कि वह क्या कहना चाहते थे। जैसे बच्चा चलते हुए फिसल जाए तो मां-बाप तुरंत उठाकर मिट्टी साफ करते हैं और फिर चलाते हैं, वैसे ही गुरु का कर्तव्य है सामने वाले की बात सुनना और उसे सही दिशा में ले जाना। गुरु कभी खंडन नहीं करता, सबकी सुनता है, और गिरने पर भी कहता है कोई बात नहीं, इससे मजबूत होगा। गुरु वही है जो बोलने का पूरा मौका देता है — जैसे मां के लिए बच्चे के किसी शब्द का मतलब नहीं, फिर भी वह खूब बात करके उसे बोलना सिखाती है। आपके एक भी शब्द का मेरे जीवन में कोई मतलब नहीं, लेकिन आपको बोलना सिखाना है, आपका डर हटाना है, इसलिए मुझे आपको सुनना पड़ता है।
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वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03