प्रश्नोत्तर P18-0057 · भाग 18
गुरु जी, कोई नियम लिया है, 10 में से 8 बार हो पाता है, 2 बार चूक जाते हैं तो मन में ग्लानि होती है; कभी लगता है नियम में ही फंस रहे हैं, कोई नियम न रखें — क्या करें?
सुधार के लिए नियम में रहना बहुत जरूरी है — अनुशासन होना ही चाहिए, चाहे आप अपने ऊपर करें या कोई आपके ऊपर करे। अनुशासन नहीं है तो जीवन पशुओं की तरह रहेगा — खा-पीकर निकल जाओगे, फिर आगे कहां जाओगे? अनुशासन इसलिए जरूरी है कि सुधरना है; सुधर गए तो फिर अनुशासन की जरूरत नहीं — जैसे भोजन की जरूरत तब तक है जब तक भूख है, और डिग्री मिल गई तो विद्यालय, शिक्षक, किताब-कॉपी, बस्ता, ड्रेस सबसे मुक्त होकर अपना कर्म करने लगते हो।
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वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03