आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0055 · भाग 18

गुरु जी, आध्यात्मिक मार्ग में अनुशासन क्या है और उसका आध्यात्मिक प्रगति में क्या उपयोग है?

जिसको भी साधना करनी है, वह पहले पूरे नियम को समझे और फिर उस नियम में पूरी तरह जिए — या तो खुद नियम बनाए या किसी के बनाए नियम में रहे, और उसका पूरी तरह पालन करे कि खुद से कोई गलती न हो। यही अनुशासन है। अनुशासन का मतलब है अपने आप को सुधारना — वही काम करना जिससे मैं सुधरूं, वह काम नहीं करना जिससे बिगड़ूं। बोलचाल, उठना-बैठना, बातचीत, देखना — पांचों इंद्रियों का उपयोग उचित है या अनुचित, यह देखते हुए करना। उचित कर रहे हो तो आत्मिक स्तर उठेगा, अनुचित कर रहे हो तो गिरेगा। जैसे किसी को ऐसे मत देखो कि सामने वाले को बुरा लगे — वह नहीं चाहता और आप देखते जा रहे हो, चाहे काम भाव से, तो नजर हटा लो।

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वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03