प्रश्नोत्तर P17-0175 · भाग 17
गुरु जी, दृष्टा बनें तो माया में रहकर भी माया-ग्रस्त नहीं होते — पर क्या यह तभी संभव है जब भीतर स्व में परिपूर्णता और संतुष्टि हो? माया क्या है?
माया संसार थोड़ी है — इस संसार में तो लोग आनंद में रहें। आपकी दुनिया माया है, क्योंकि आपकी दुनिया आपने अपने तरीके से खड़ी की है, बेईमानी से खड़ी की है। आप अपनी दुनिया से ग्रसित हो, इस संसार से थोड़ी ग्रसित हो।
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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21