प्रश्नोत्तर P17-0157 · भाग 17
गुरु जी, आत्मचिंतन में एक ही घटना पर चित्त अटक जाता है और बार-बार वही चिंतन चलता रहता है — इससे आगे कैसे बढ़ें?
देखो कि ऐसा क्यों हो रहा है — उसे ढूंढो कि उस घटना में राग-द्वेष क्यों हो रहा है, चित्त क्यों अटक रहा है। फिर उसकी भरपाई करनी पड़ेगी।
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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21