प्रश्नोत्तर P17-0086 · भाग 17
गुरु जी, आपने कहा सत्कर्म का मौका प्रकृति देती है — तो क्या उस मौके पर किए सत्कर्म से भी हमारे बंधन कटेंगे, या वह सेवा ही रहेगी?
कटने में सहायता मिलेगी। और आप इस भाव से करोगे कि "मैं निष्काम सेवा करने जा रहा हूं", तो धीरे-धीरे अंतर उठेगा — "भावे हि विद्यते देवः", भाव में ईश्वर का वास है।
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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21