प्रश्नोत्तर P17-0079 · भाग 17
गुरु जी, कुछ भी करो तो आलोचना होती है — ऐसे में क्या करें?
तीन प्रवृत्तियां हैं — मानव गढ़, देव गढ़, राक्षस गढ़ — इसलिए कुछ भी करोगे तो आलोचना होगी: राजसी वाला काम करोगे तो तामसी वाला आलोचना करेगा, तामसी वाला करोगे तो राजसी वाला। परोपकार करोगे तो बुराई नहीं होगी — कोई गिर गया, उसे उठाओगे तो उसमें कोई क्या आलोचना करेगा? आलोचना तब होती है जब आप राजसी या तामसी वाला काम करते हो। इसलिए मेरा कहना है — सेवा करो और सत्कर्म की तरफ बढ़ते रहो।
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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21