प्रश्नोत्तर P16-0178 · भाग 16
योगी जी, अगर तुलसीदास जी को आत्मीय लगाव था, तो क्या उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए था कि मैं जिस जीवात्मा से प्रेम करता हूं उसका अब क्या होगा? वे साथ रहकर भी तो पक्का कर सकते थे कि तुझे भ्रम है, मैं तेरे शरीर के लिए नहीं आया।
आप कह रहे हो ना कि वो साथ रहके पक्का नहीं कर सकते थे, छोड़ के — सबकी स्थिति अलग है। आप अपनी स्थिति से तुलसीदास की तुलना ना करो। उन्हें जैसे सिद्ध करना था, उन्होंने कर दिया।
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वीडियो: खुद को जांच ने का तरीका #योगी · 2026-02-20