आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P16-0118 · भाग 16

आप जो बातें बता रहे हो, वह समझ में तो आता है कि सब सही है, सच है। बस हम वहां तक पहुंच नहीं पा रहे हैं — भीड़ को नहीं हटा पा रहे।

आपको वहां नहीं जाना है। आप तो स्थिर हो। अगर आप देख पाओ, तो जब से आपका जन्म हुआ, आप कभी कहीं गए ही नहीं — कामनाएं लेकर गईं, जरूरत लेकर गई। आप कहीं भी नहीं गए, आज तक आपका कहीं आना-जाना नहीं हुआ है। आप अभी भी स्थिर हो; जैसे ये कामनाएं खत्म होंगी, आप जहां थे वहीं हो — ना कहीं आए, ना कहीं गए, अभी भी उसके पास ही हो।

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वीडियो: आखिर परमात्मा है तो हम उससे मिल क्यों नहीं पा रहे हैं ? #yogijikasatsang #aadhyatmik_satsang · 2024-10-12