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प्रश्नोत्तर P16-0102 · भाग 16

आरुणि की कहानी में गुरु ने उसे बांध लगाने भेजा, वह पूरी रात खुद को पानी के आगे रखकर पड़ा रहा, शरीर नीला पड़ गया, और उसके बाद उसे आत्मज्ञान हुआ। उसे आत्मज्ञान नहीं था, लेकिन गुरु वाक्य ने उसकी पात्रता को जगाया। तो उसे ज्ञान क्यों हुआ?

देखिए, गुरु ने जितना कहा उसको करने के लिए उसने प्राण-शरीर लगा दिया। हमारे पास तीन ताकत होती है — धन, तन और हमारी समझ। आपके पास क्या है वो आपके ऊपर है। जब आप पूरी तरह लगा देते हो, कुछ बचता ही नहीं, उसके बाद ही ज्ञान होता है। तो उस लड़के ने अपना सब लगा दिया, गुरु आज्ञा में सब लगा दिया, क्योंकि उसके पास दो ही था — धन तो था नहीं, उसके पास तन था और प्राण था। तो उसने दोनों लगा दिए और उसे ज्ञान हो गया। अब ये गुरु की पहली आज्ञा नहीं होगी। वो तो आज्ञा पे आज्ञा, आज्ञा पे आज्ञा — इस तरह से लायक बन गया। और जब लगता है कि अब इसे निकाल ही देना है, तो उसे ऐसी आज्ञा दे देता है। क्योंकि जब तक उसमें बल रहेगा तब तक ज्ञान नहीं होगा। तो गुरु आपके बल को खत्म करता है। आप कोई काम कर रहे हो — क्या उस काम की जरूरत गुरु को है? नहीं, समाज को है। गुरु उस कार्य के द्वारा आपके बल को खत्म करता है। उसे ही क्यों भेजा? क्या गुरु सो गया? गुरु समझकर जाग रहा था कि आज उपलब्धि होने वाली है। अगर वो ना लौटता तो क्या गुरु और लोगों को नहीं भेज देता, बुला नहीं लेता? क्या गुरु भूल सकता है? लेकिन गुरु यह देख रहा है कि अगर आज वो रुक गया तो उपलब्धि पक्की। गुरु को अगर पानी ही रोकना होता तो सारे शिष्यों को ले चल देता; अकेले उसको ही क्यों भेजता? वो सिर्फ पानी रोकने के लिए नहीं भेजा था, उसको उपलब्ध होने के लिए भेजा था। गुरु ने देखा कि इसने हर आज्ञा का पालन किया है, यह सब कुछ लगा देता है — अभी तक इसने समझ लगाई है, शरीर लगा दिया है; क्या प्राण भी लगा सकता है? क्योंकि प्राण आखिरी है। तो वो रोकता ही रहा। गुरु से आके ये नहीं कहा कि नहीं रुक रहा है, शिकायत नहीं की, अपनी समझ का उपयोग नहीं किया — वो पूरी तरह लग गया, जितना मेरे से हो सके। और पूरी तरह लगने में वो खत्म हो गया, और जब वो खत्म हो गया तो ज्ञान ही होगा। गुरु को ये बात पता थी कि आज इसकी उपलब्धि का दिन है, बाढ़ सिर्फ निमित्त है। इसीलिए तो कहा गया है गुरु वाक्य ब्रह्म वाक्य — गुरु की आज्ञा आखिरी आज्ञा।

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वीडियो: तेरी परीक्षा ही तेरा उद्धार करेगी । #योगी · 2025-10-18