प्रश्नोत्तर P16-0074 · भाग 16
महात्मा जी, यदि आपके सामने कोई आत्मज्ञानी आकर अनजान की तरह व्यवहार करे, तो क्या आपको पता चल जाएगा कि उसे आत्मज्ञान हुआ है?
मुझे मतलब ही नहीं है। मैं सीधा पूछता हूं — सीखने वाले हो या सिखाने वाले? वह कहता है सीखने वाला, तो मैं बताता हूं; कहता है सिखाने वाला, तो मैं कहता हूं निकल लो — मुझे तो सीखना नहीं, तो फिर जरूरत क्या है, जाके काम करो। हमें मतलब ही नहीं कि आप आत्मज्ञानी हो कि अज्ञानी, मैं अपना काम कर रहा हूं। मैं गिलास का पानी लेके बैठा हूं — प्यासे हो तो पियो, प्यासे नहीं हो तो निकल लो; प्यासे नहीं तो यहां क्यों आए? सिखाने वाले हो तो सीधे से निकल लो और जाके संसार में समाज हित के लिए काम करो।
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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16