प्रश्नोत्तर P16-0072 · भाग 16
भगवान की प्राप्ति करना और आत्मज्ञान करना — दोनों में क्या फर्क है?
आत्मज्ञान मतलब स्वयं का ज्ञान। और भगवान कभी भी प्राप्त नहीं किया जा सकता — इस भ्रम से दूर हो जाइए। जो प्राप्त है, उसे छोड़ा जा सकता है।
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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16