प्रश्नोत्तर P16-0069 · भाग 16
आत्मज्ञानी क्या है और ज्ञानी क्या है? मेरा बेटा पूछ रहा है।
ज्ञानी मतलब बाहर का ज्ञान — आपने किताबों से, शास्त्रों से अध्ययन किया है। आत्मज्ञानी मतलब स्वयं का ज्ञान — अनुभव, अनुभव से भी परे। जैसे किताब में आपने पढ़ लिया कि मिर्ची तीखी होती है, मिर्ची का चित्र देखा; और फिर पेड़ पे गए, मिर्ची तोड़ के खाई — तो तीखेपन का आत्मबोध आपको हो गया, यही है स्वयं का ज्ञान। अगर आपने सिर्फ सुन लिया, पढ़ लिया और खाया नहीं, तो एक ने कहा तीखी है, आपने मान ली; दो लोग आए, बोले मीठी है, आपने मीठी मान ली; सौ का झुंड आया, बोला दोनों झूठ बोल रहे हैं, खट्टी है। इसलिए मिर्ची ही खा लो — फिर पूरा विश्व बोले कि मीठी है, आप कहोगे मैंने चख ली, बात ही नहीं करोगे। जब तक नहीं खाओगे, बात चलती रहेगी। इसलिए स्वयं के ज्ञान को उपलब्ध हो जाओ, नहीं तो जीवन भर ऐसे दूसरों का ज्ञान ढूंढते रहोगे।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16