आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P16-0002 · भाग 16

गुरु जी, क्या इस जन्म में अपने आप को जान पाऊंगा?

हां, एकदम। सबसे सरल है अपने आप को जानना; दूसरों को जानना कठिन है, क्योंकि जान ही नहीं पाओगे। और जो नहीं जान पाओगे, उसी को जानने का प्रयास कर रहे हो; जो जान पाओगे, उसके लिए प्रयास ही नहीं कर रहे। बस इतना प्रयास करना है — जिसको जानना चाहते हो, उसे जानना छोड़ दो। लेकिन नहीं, "जान के ही छोड़ूंगा" — यही गलती हो रही है। हम एक-दूसरे को जानना चाहते हैं, और यह कभी नहीं हो सकता। तुम हमें जानना बंद कर दो, स्वयं को जान लोगे, बात ही खत्म। लोग कहते हैं "तुम जानते नहीं मैं कौन हूं" — इसका मतलब वे खुद नहीं जानते कि वे कौन हैं, इसलिए परिचय बताना पड़ रहा है; खाली परिचय दे रहे हैं।

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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16