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प्रश्नोत्तर P15-0189 · भाग 15

इस प्रश्न का उत्तर मैं आपसे चाहता हूं — मैं इस जीवन को और उचित तरीके से कैसे जीऊं?

इसका उत्तर ही नहीं है। इसका उत्तर जीना है। आपको ही खोजना है, खुद सीखना है, आपको उसमें जीना है। हां, कोई पूछे कि मैं और उचित तरीके से काम करना चाहता हूं, तो व्यक्ति पूछेगा कौन सा काम कर रहे हो, किस फील्ड में; उस फील्ड की उसे जानकारी होगी तो ज्ञान देगा, नहीं तो कहेगा वहां चले जाओ। लेकिन यह प्रश्न है — जीवित व्यक्ति जब तक है, यह प्रश्न रहेगा। ऐसा लगता है कि प्रश्न खत्म हो गए; तुम स्वयं प्रश्न हो, जो स्वयं प्रश्न है उसका उत्तर कहां से मिलेगा? इसमें जीना पड़ेगा, खोजना पड़ेगा। जब तक इस पिंड में हो, इस पिंड के लिए कुछ भी कर रहे हो, तब तक यह प्रश्न बना रहेगा और इसका उत्तर भी नहीं — यह ध्यान रखना। माथा मत फोड़ो, जियो। आप जिस यात्रा को कर रहे हो, उस यात्रा को और उचित तरीके से कैसे करूं, उसके लिए बात करो। प्रश्न तो तब खत्म हों जब करने के लिए तुम्हारे पास कुछ भी ना हो। आप जिस भी फील्ड में हो, जिस मार्ग पे हो, मैं और उचित तरीके से कैसे आगे बढ़ूं — उसके लिए बातचीत करो, उसी में हल निकलेगा।

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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16