प्रश्नोत्तर P15-0073 · भाग 15
अपने आप को कैसे समझें, खुद को कैसे जानें?
राग-द्वेष में जो दूसरों को जानने का प्रयास कर रहे हो, वो करना बंद करो; सदुपयोग करो, दुरुपयोग नहीं, और आगे बढ़ो। जरूरतमंद की सेवा करो, सत्कर्म करो, ईमानदारी से जीवन जियो, बेईमानी का पूरी तरह त्याग करो। राग-द्वेष से और उम्मीद से अपने आप को छुड़ाओ — अनेक लोगों से अनेक तरह की उम्मीदें बना के रखी हैं। अपने को समझना नहीं है; जितना आपने समझा है, उसे बस छोड़ देना है, ये भ्रम छोड़ दो कि मैंने कुछ समझा। आपके पास सिर्फ जानकारियाँ हैं, आपने जानकारी को समझ बना लिया — अप्रत्यक्ष को प्रत्यक्ष समझ लिया, यही गलती हो गई। किसी का भी उपयोग सात्विक तरीके से करो, अपनी आत्मरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा करते हुए, और दूसरों के आत्मसम्मान की रक्षा का भी विशेष ध्यान रखते हुए।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: इतनी पूजा पाठ भक्ति करते हैं लेकिन दुख क्यों आते हैं ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #आध्यात्म · 2026-08-10