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प्रश्नोत्तर P14-0167 · भाग 14

कुछ लोग कहते हैं कि सब भगवान कर रहे हैं — तो क्या बुरा काम भी वही करवा रहे हैं?

जो कह रहा है भगवान कर रहे हैं, उसे एक चपत लगा के पूछो ये किसने किया — तुरंत बता देगा। ये सब फालतू बातें हैं। भगवान करता तो दुनिया इतनी गंदी होती? उसकी दुनिया में भेदभाव नहीं है। अगर इतने छोटे बच्चों पर अत्याचार उसके करने से हो रहा है, तो फिर वो भगवान नहीं राक्षस है। हम लोग कर रहे हैं, नासमझी के कारण; बस हम बचना चाहते हैं, दूसरे के ऊपर ठोकना चाहते हैं। सत्ता उसी से है, पर करने वाला वो नहीं; उसकी सत्ता आपकी मदद के लिए है, और आपको कर्ता का अधिकार दिया गया है। जानवरों में कभी सुना कि इस जानवर ने उसे छेड़ा? वो प्राकृतिक जीते हैं, समय पर भोग, समय पर भोजन। मानव ही सबसे समझदार बनता है और अपने कर्मों से सबसे निकृष्ट हो गया है, उसमें हम-आप भी आते हैं; बस किसी का पकड़ा गया, किसी का नहीं। मजा खुद मारते हो, दोष भगवान का देते हो। अगर सब वो करता है, तो तुम काहे को अशांत हो, दुखी क्यों हो? ये सब अपने आप को बचाने की बातें हैं। फिर मन और इंद्रियों को भी दोष देते हैं।

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वीडियो: कर्ता कौन है, अकर्ता कौन है ?| Who is the Doer ? Who is the Non-Doer ? #yogijikasatsang · 2026-05-18