प्रश्नोत्तर P13-0198 · भाग 13
गुरु जी, जैसे कबीर जी ने कहा — जन्म-जन्म की मन को मैल लगी है, काला हो गया मन। साधना से यही निकलेगी ना? इस जन्म की तो इतनी ज्यादा नहीं हो सकती।
इस जन्म का भी अगर हम — मैं आपको बताता हूं मेरा अनुभव, पता नहीं आप लोगों का क्या है — इस जन्म का भी अगर हम अपना हिसाब-किताब करें, तो हम बोलेंगे कि इतना कम है, सजा के उधर उल्टा लटका दो और नीचे आग लगा दो, और तुम लोग चले जाओ, मुझे तड़पने दो। अगला छोड़ दीजिए — इसी जन्म का अगर आपको ही आपका हिसाब-किताब करना हो, तो कहोगे कि मुझे एक पेड़ पे उल्टा लटका दो, बस आंच लगनी चाहिए, आग लगा दो और मुझे छोड़ के आप लोग चले जाओ। हमें तो ऐसा लगता है; आपको भले ना लगे।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: प्रेम और आनंद में कैसे रहें ? - aadhyatmik pratyaksh gyan Yogi #livesatsang · 2025-04-20