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प्रश्नोत्तर P12-0170 · भाग 12

गुरु जी, जैसा आप बोलते हैं कि शरीर छूटेगा तब पता चलेगा — मुझे तो कभी-कभी मौत का इंतजार हो जाता है कि जिस दिन मौत आएगी उस दिन पता तो चलेगा कि सच में सब कुछ होता है या हम ऐसे ही (जी रहे हैं)।

उसके पहले ही राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, मेरा और कर्ता के भाव से मुक्त हो जाओ, और अपना कल्याण कर लो। जब शरीर छूटता है तब पता चलता है कि किसके लिए जी रहा था, क्या करना चाह रहा था, किसके लिए दिन-रात मेहनत कर रहा था।

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