प्रश्नोत्तर P11-0151 · भाग 11
कोई एक अक्षर का ज्ञान दे रहा है, कोई दो का, कोई पांच का; कोई राम कहता है, कोई अल्लाह, कोई वाहेगुरु — असल में कहना क्या है?
कोई वाटर कह रहा है, कोई पानी, कोई जल, कोई नीर — मूल क्या है? अपनी प्यास बुझाओ; सबसे प्यास बुझेगी। शब्दों के जाल में मत फंसो; देखो बात किसकी कह रहा है, तब देखोगे कि मिला-जुला के सब उस परम सत्ता की बात कर रहे हैं। अब लोग गुरु भी क्यों खोज रहे हैं — निर्विकार होने के लिए नहीं, मालामाल होने के लिए। अगर कहते हो उसने मुझे ठग लिया, तो आप उससे ज्यादा ठगने गए थे — हजारों दिए लाखों के चक्कर में, लाखों दिए करोड़ों के चक्कर में। सबसे बड़े ठग हम हैं; काश अपने ठगपन को देख पाते। अगर आप ठग नहीं हो, तो आपको कोई ठग ही नहीं सकता। मेरी अशांति का कारण मैं हूं, और कोई नहीं।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: 11 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-11