प्रश्नोत्तर P11-0132 · भाग 11
मैं अकेले में विचार देख रहा था, तो देखा कि मैं खुद ही गलत विचार कर रहा था। पता चलते ही मैंने नाम जप किया और ध्यान डायवर्ट हो गया। क्या यह नॉर्मल है?
जिसे आप गलत विचार कह रहे हैं, आपने कभी उन विचारों को सहयोग दिया है, उस विचार की जानकारी आपने कहीं ना कहीं से ली है। विचार ना सही होते हैं, ना गलत; आप किस विचार को पकड़कर काम करते हो, यह देखना है।
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वीडियो: 11 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-11