प्रश्नोत्तर P11-0100 · भाग 11
बाहर से हम बहुत कुछ दिखाते हैं, पर अंदर जो चलता है वह हमें पता है। अंदर का भाव और बाहर का भाव एक जैसा कैसे करें?
आप देखिए कि आपको करना क्या है, आप चाहते क्या हो — यह पक्का करो, और उसके लिए काम करो। हर भाव पे काम भी मत करो, क्योंकि भाव तो देश-काल, स्थिति-परिस्थिति में, कभी घटनाओं को देखकर बन जाता है। सोचो कि इस भाव वाला कर्म करेंगे तो परिणाम क्या मिलेगा; जब तक परिणाम का पता ना हो, तब तक काम मत करो।
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वीडियो: 18 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-18