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प्रश्नोत्तर P11-0054 · भाग 11

अगर किसी ने ऐसे कर्म किए हों जिनकी सजा से वह बच गया और अब उसे याद भी नहीं था, पर एकांत में बैठकर सब याद आ रहे हैं — तो वह उन कर्मों से कैसे बचे? क्या सत्कर्म करे?

बच नहीं सकता; प्रकृति किसी ना किसी तरीके से (हिसाब करेगी)। पश्चाताप की आग लगेगी — पश्चाताप भी एक भोग है; आत्मग्लानि, घुटन, बेचैनी — वह भी एक सजा है, और सबसे तगड़ी सजा है। अगर पश्चाताप की आग लगी रही और कहीं रसपान नहीं किया, तो जल्दी से जल्दी वह खत्म हो जाएगा। अगर कहीं रसपान कर लिया, अपने आप को लुभावनी चीजों में फंसा लिया, तो वह आग बुझ गई।

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वीडियो: 18 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-18