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प्रश्नोत्तर P11-0004 · भाग 11

2005 से साधना कर रही हूं। अब मैं अपने आप में संतुष्ट और स्थित कैसे रहूं? अंदर से सब समझती हूं।

"चाहिए" का भाव छोड़। "चाहिए" शब्द भी कहां से पैदा हुआ? इच्छा से; यहीं से शब्द का जन्म हुआ। "चाहिए" हटा दे, तो शब्द भी खत्म। समझ तो सब गई है, कर क्या रही है वह मायने रखता है। ऐसा ना हो कि समझते-समझते ही (जीवन) खत्म हो जाए और कर ना पाए, क्योंकि परिणाम करने का मिलेगा, समझने का नहीं। जब तू समझ लिया, तो उसे अपने जीवन में उतारेगी, उसमें जीना शुरू करेगी, तब वह उपलब्धि होगी।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 22 फरवरी 2026 #योगी · 2026-02-22