प्रश्नोत्तर P1-0047 · भाग 1
(साधक:) मेरी (आत्मिक कल्याण की) इच्छा तो काफी है। लग रहा है कि जो रास्ता चाहिए था, वह अब मिल जाए।
तब लग जा, मेहनत करनी पड़ेगी इसमें। कोई भी कार्य हो, परिणाम तक ले जाने में मेहनत करनी पड़ेगी। जब सुनने और समझने में ही इतना आनंद आता है, प्रसन्नता होती है, तो जब उस परिणाम तक पहुंचेगा तब क्या होगा? उस परम आनंद तक पहुंचने के लिए पागल बनना पड़ेगा। उसके लिए अथाह मेहनत करनी पड़ेगी।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: 21 सुबह अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-14