आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P1-0029 · भाग 1

गुरु जी, आपके ज्ञान से यही समझ आता है कि यह समझ का मार्ग है, पर हमारे गुरु जी खेचरी मुद्रा सिखाते हैं और कहते हैं कि इससे आत्मज्ञान, ब्रह्मज्ञान सब हो जाएगा। क्या करूं?

तो सीख ले ना, यहां क्यों पड़ा है? जब गुरु जी कहते हैं, तो सीख ले खेचरी मुद्रा — जीभ खींचकर बाहर निकाल, फिर घुमाकर अंदर डाल। जब तुम्हारे गुरु जी कहते हैं कि खेचरी मुद्रा से आत्मज्ञान, ब्रह्मज्ञान सब हो जाएगा, तो कर ले ना, हमसे क्या पूछते हो? अगर आप हमसे पूछ रहे हो, तो इसका मतलब संशय है। जब गुरु जी कह रहे हैं तो कर लो, करके देख लो, जीवन दांव पर लगा दो — ऐसे भी जीवन में क्या हो रहा है? आप लोग समझो, प्रत्यक्ष में जीना सीखो। अगर कल्याण चाहते हो, तो उस कल्याण के लिए कुछ करना होगा, क्योंकि कुछ करके फंसे हो तो कुछ करके ही निकलोगे। इस लॉजिक को समझो। कोई आधार होगा, बेस होगा; बिना आधार के कुछ भी मत बोलो। कर्म के सिद्धांत को समझो।

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